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खाद्य अपमिश्रण पर प्रश्नोत्तर

खाद्य पदार्थ के अपमिश्रण द्वारा जनता की स्वास्थ्यहानि को रोकने के लिए प्रत्येक देश में आवश्यक कानून बनाए गए हैं। भारत के प्रत्येक प्रदेश में शुद्ध खाद्य संबंधी आवश्यक कानून थे, किंतु भारत सरकार ने सभी प्रादेशिक कानूनों में एकरूपता लाने की आवश्यकता का अनुभव कर, देश-विदेशों में प्रचलित काननों का समुचित अध्ययन कर, सन्‌ 1954 में खाद्य अपमिश्रण निवारक अधिनियम (प्रिवेंशन ऑव फ़ूड ऐडल्टशन ऐक्ट) समस्त देश में लागू किया और सन्‌ 1955 में इसके अंतर्गत आवश्यक नियम बनाकर जारी किए। इस कानून द्वारा अपद्रव्यीकरण तथा झूठे नाम से खाद्यों का बेचना दंडनीय है।

खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम

Prevention of Food Adulteration Act

खाद्य के अपमिश्रण के निवारणार्थ उपबन्ध बनाने के लिए अधिनियम ।

भारत गणराज्य के पांचवे वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियम हों-

खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम – विस्तार और प्रारम्भ

1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 है।

2) इसका विस्तार संपूर्ण भारत पर है।

3) यस उस तारीख को प्रवृत्त होगा जिसे केन्द्रीय सरकार, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे।

खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम को अधिक जानने के लिए नीचे प्रदर्शित लिंक पर क्लीक कीजिये

www.preventionoffoodadulterationact.wordpress.com

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